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REET की तैयारी कैसे करें: 90 दिन का प्लान, विषयवार रणनीति

अंतिम अपडेट: · तथ्य: केवल आधिकारिक BSER/RSSB दस्तावेज़ों से

REET की तैयारी का भरोसेमंद तरीका है: पहले आधिकारिक सिलेबस और पैटर्न समझें, फिर 90 दिन को तीन चरणों — आधार, अभ्यास और रिवीजन — में बाँटें। REET-2024 विज्ञप्ति के अनुसार नेगेटिव मार्किंग नहीं — गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते, इसलिए हर प्रश्न हल करने और OMR के 5वें विकल्प का अभ्यास ज़रूरी है। यह योजना हमारा सुझाव है, आधिकारिक नियम नहीं। परीक्षा की पूरी जानकारी: REET पात्रता परीक्षा।

तैयारी शुरू करने से पहले ये तथ्य जानें

परीक्षा का स्वरूप
केवल पात्रता परीक्षा — इससे नौकरी का अधिकार नहीं मिलता
प्रश्न / समय
150 प्रश्न · 2 घंटे 30 मिनट (हर Level)
Level 1 के खण्ड
5 खण्ड × 30 प्रश्न: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा-I, भाषा-II, गणित, पर्यावरण अध्ययन
Level 2 के खण्ड
4 खण्ड: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ (30), भाषा-I (30), भाषा-II (30), खण्ड-IV (60)
नेगेटिव मार्किंग
नहीं — गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते
5वाँ विकल्प (E)
OMR में हर प्रश्न के पाँच गोले (A–E) होते हैं; प्रश्न का उत्तर न देना हो तो E भरना होता है
न्यूनतम उत्तीर्णांक (सामान्य वर्ग)
60%

सभी तथ्य पिछली (REET-2024) विज्ञप्ति — विज्ञप्ति सं. 01/2024, दिनांक 12.12.2024 — से हैं। अगली विज्ञप्ति में बदलाव संभव है। नीचे दी गई सभी योजनाएँ और समय-विभाजन हमारा सुझाव हैं।

पहले सिलेबस और पैटर्न समझें

ज़्यादातर अभ्यर्थी किताब से शुरुआत करते हैं, जबकि शुरुआत सिलेबस से होनी चाहिए। BSER हर Level का अलग पाठ्यक्रम PDF जारी करता है: Level 1 का आधिकारिक सिलेबस (नई विंडो में खुलेगा) और Level 2 का आधिकारिक सिलेबस (नई विंडो में खुलेगा)। इन्हें प्रिंट करके हर बिंदु के आगे एक खाली खाना बनाइए — पढ़ने के बाद उस पर निशान लगाइए। यही आपकी पूरी तैयारी की चेकलिस्ट बनेगी।

सिलेबस के साथ पैटर्न भी देखें, क्योंकि खण्डों के प्रश्न तय करते हैं कि किस विषय को कितना समय मिले। खण्डवार प्रश्न और अंक REET परीक्षा पैटर्न पेज पर तालिका में हैं और टॉपिक-वार सूची REET सिलेबस पर। Level चुनने में संदेह हो तो REET Level 1 और REET Level 2 की गाइड देखें।

  • दिन 1–3: दोनों सिलेबस PDF पढ़ें, हर खण्ड के मुख्य बिंदुओं की एक पन्ने की सूची बनाएँ।
  • हर खण्ड में दो हिस्से पहचानें — विषय-वस्तु (content) और शिक्षण विधि (pedagogy)। दोनों से प्रश्न आते हैं।
  • Level 1 के प्रश्नों का आधार: कक्षा 1–5 का राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सत्र 2024-25 का पाठ्यक्रम; कठिनाई स्तर सैकण्डरी (कक्षा 10) तक। यानी विषय कक्षा 1–5 का है, पर प्रश्न उससे कठिन हो सकते हैं।
  • Level 2 के प्रश्नों का आधार: कक्षा 6–8 का राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सत्र 2024-25 का पाठ्यक्रम; कठिनाई स्तर सीनियर सैकण्डरी (कक्षा 12) तक।

90 दिन का टाइम-टेबल (हमारी सुझाई योजना)

यह योजना मानकर बनाई गई है कि आप रोज़ लगभग 4–5 घंटे पढ़ सकते हैं। नौकरी या कॉलेज के साथ तैयारी कर रहे हैं और रोज़ 2 घंटे ही मिलते हैं, तो इन्हीं तीन चरणों को 4–5 महीनों में फैला दें — क्रम वही रखें।

REET 90 दिन की योजना — तीन चरण
चरणदिनलक्ष्यरोज़ का कामचरण के अंत में जाँच
1. आधार1–35सिलेबस का हर बिंदु एक बार राज्य पाठ्यपुस्तकों से पढ़नारोज़ दो विषय (एक कठिन, एक आसान) + बाल विकास; पढ़े हुए का छोटा नोटसिलेबस-सूची के कम से कम 90% बिंदुओं पर निशान
2. अभ्यास36–70टॉपिक-वार प्रश्न, कमज़ोर हिस्सों की पहचानसुबह नया या कमज़ोर टॉपिक, शाम खण्डवार प्रश्न अभ्यास; हफ़्ते में एक पूरा खण्ड समय बाँधकरगलतियों की कॉपी में हर विषय की 3–4 बार-बार होने वाली गलतियाँ लिखी हों
3. रिवीजन व पूर्ण पेपर71–90पूरा पेपर तय समय में, OMR के साथहर दूसरे दिन एक पूरा पेपर; बाकी दिन नोट्स और गलतियों का रिवीजनतीन पूरे पेपर में समय से पहले खत्म और कोई गोला खाली नहीं

रोज़ के 4–5 घंटे कैसे बाँटें

समय-खंडक्या पढ़ेंक्यों
90 मिनट (सुबह)सबसे कठिन विषय — गणित, विज्ञान या सामाजिक अध्ययनताज़ा दिमाग में कठिन अवधारणाएँ जल्दी बैठती हैं
45 मिनटबाल विकास एवं शिक्षण विधियाँयह खण्ड दोनों Level में अनिवार्य है; रोज़ थोड़ा पढ़ने से सिद्धांत याद रहते हैं
45 मिनटभाषा-I और भाषा-II (बारी-बारी)अपठित गद्यांश और व्याकरण की गति अभ्यास से ही बढ़ती है
60 मिनटउसी दिन के टॉपिक पर प्रश्नपढ़ा हुआ तुरंत परखने से कमज़ोरी उसी दिन पकड़ में आती है
20 मिनट (रात)दिन के नोट्स दोहरानाअगले दिन की शुरुआत भूलने से नहीं होती

विषयवार रणनीति

हर विषय में एक ही नियम काम करता है: पहले सिलेबस का बिंदु, फिर पाठ्यपुस्तक से विषय-वस्तु, फिर उसी बिंदु की शिक्षण विधि, और अंत में प्रश्न। नीचे हर खण्ड के लिए ख़ास बातें हैं।

बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ

Level 1 में इस खण्ड का केंद्र 6 से 11 वर्ष और Level 2 में 11 से 14 वर्ष आयु वर्ग है। आधिकारिक सिलेबस में विकास के सिद्धान्त, वंशानुक्रम व वातावरण, व्यक्तिगत विभिन्नताएँ, बुद्धि व बहुबुद्धि सिद्धान्त, अधिगम की प्रक्रियाएँ, विविध अधिगमकर्ता, शिक्षा का अधिकार अधिनियम–2009 में अध्यापकों की भूमिका, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राजस्थान की बाल कल्याणकारी शैक्षिक योजनाएँ जैसे बिंदु हैं।

  • हर सिद्धांत के लिए एक पंक्ति की तालिका बनाएँ: सिद्धांत — प्रतिपादक — मुख्य अवधारणा — कक्षा में उपयोग।
  • कई प्रश्न कक्षा की स्थिति (situation) पर होते हैं। रटने के बजाय पूछें: 'एक शिक्षक के रूप में मैं यहाँ क्या करूँगा?'
  • शिक्षा नीति और राज्य योजनाओं के लिए केवल आधिकारिक दस्तावेज़ों या विभाग की वेबसाइट पर भरोसा करें।

भाषा-I और भाषा-II

भाषा खण्डों में अपठित गद्यांश या पद्यांश पर आधारित प्रश्न, व्याकरण और भाषा शिक्षण की विधियाँ आती हैं। भाषा-II, भाषा-I से भिन्न होनी चाहिए; दोनों भाषाएँ वही होंगी जो आवेदन पत्र में भरी गईं। भाषा-II ऐसी चुनें जिसे आप आराम से पढ़-समझ सकें, क्योंकि गद्यांश हल करने की गति ही इस खण्ड में अंक तय करती है।

  • रोज़ एक अपठित गद्यांश समय बाँधकर हल करें — पहले प्रश्न पढ़ें, फिर गद्यांश।
  • व्याकरण (संधि, समास, वाक्य-शुद्धि आदि) स्कूल पाठ्यपुस्तकों के व्याकरण भाग से पढ़ें।
  • शिक्षण विधि वाले प्रश्नों के लिए भाषायी कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), मूल्यांकन और उपचारात्मक शिक्षण के शब्द साफ़ समझें।

गणित (Level 1)

विषय-वस्तु कक्षा 1–5 की है — संख्याएँ, मूल संक्रियाएँ, भिन्न, माप, ज्यामिति आदि — लेकिन सिलेबस में गणित की प्रकृति, गणित की भाषा, मूल्यांकन और त्रुटि विश्लेषण जैसी शिक्षण विधियाँ भी हैं। गणना की गति के लिए रोज़ 20 प्रश्न बिना कैलकुलेटर हल करें और हर अध्याय के सूत्र एक पन्ने पर रखें। शिक्षण विधि वाले प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है कि बच्चे की गलती का कारण क्या है — इसके लिए त्रुटि विश्लेषण वाला भाग ध्यान से पढ़ें।

पर्यावरण अध्ययन (Level 1)

पर्यावरण अध्ययन विज्ञान और सामाजिक विज्ञान दोनों को जोड़ता है। प्राथमिक कक्षाओं की पर्यावरण अध्ययन से जुड़ी राज्य पाठ्यपुस्तकें पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ें, क्योंकि विज्ञप्ति प्रश्नों का आधार राज्य का कक्षा 1–5 का पाठ्यक्रम बताती है। सिलेबस के पर्यावरणीय शिक्षाशास्त्र वाले हिस्से — क्रियाकलाप, प्रयोग, चर्चा, समग्र एवं सतत मूल्यांकन — को अलग अध्याय की तरह पढ़ें।

Level 2: गणित एवं विज्ञान

गणित-विज्ञान खण्ड में 60 प्रश्न — 30 गणित और 30 विज्ञान आते हैं। विषय कक्षा 6–8 का है, पर कठिनाई स्तर उससे ऊपर जा सकता है, इसलिए हर अध्याय की अवधारणा कक्षा 9–10 के स्तर तक साफ़ करें। विज्ञान में "विज्ञान की संरचना एवं प्रकृति" और शिक्षण विधि वाले बिंदु आसान अंक देते हैं — इन्हें न छोड़ें।

Level 2: सामाजिक अध्ययन

सामाजिक अध्ययन खण्ड में भारतीय सभ्यता, प्राचीन से आधुनिक इतिहास, संविधान व सरकार, भूगोल और राजस्थान का इतिहास, भूगोल, कला व संस्कृति शामिल हैं। इतिहास के लिए समय-रेखा (timeline) और भूगोल के लिए खाली नक्शे पर अभ्यास करें। राजस्थान वाले अध्याय आगे भर्ती परीक्षा में भी काम आते हैं, इसलिए इनके नोट्स सँभालकर रखें। जो शिक्षक दूसरे विषयों के हैं, उनके लिए नियम: IV(अ) गणित एवं विज्ञान (गणित व विज्ञान शिक्षक) या IV(ब) सामाजिक अध्ययन (सामाजिक अध्ययन शिक्षक); अन्य विषय के शिक्षक इनमें से कोई एक चुनते हैं।

पुराने पेपर और OMR (5वें विकल्प) का अभ्यास

सबसे भरोसेमंद अभ्यास सामग्री बोर्ड का अपना पेपर है। REET-2024 के लिए BSER ने तीन प्रश्न पुस्तिकाएँ: PL-1 (लेवल-1, Shift-1), RL-2 (लेवल-2, Shift-2), RL-2 (लेवल-2, Shift-3) जारी कीं, साथ में लेवल-1 (Shift-1) और लेवल-2 (Shift-2, Shift-3) की Final Answer Key PDF। ये सब REET के पुराने पेपर पेज पर एक जगह हैं; सीधे REET-2024 Level 1 पेपर या REET-2024 Level 2 पेपर भी खोल सकते हैं। इस साइट पर अभी कोई मॉक टेस्ट प्रकाशित नहीं है, इसलिए फ़िलहाल यही आधिकारिक पेपर आपके पूर्ण अभ्यास का आधार हैं।

  1. चरण 2 की शुरुआत में एक पेपर बिना समय-सीमा के हल करें — इससे पता चलेगा कि कौन-सा खण्ड कमज़ोर है।
  2. चरण 3 में वही पेपर 2 घंटे 30 मिनट की समय-सीमा में दोबारा हल करें, उत्तर अलग OMR-जैसे पन्ने पर भरें।
  3. जाँच हमेशा Final Answer Key से करें, अस्थायी कुंजी से नहीं। Final Answer Key में कुछ प्रश्न "BONUS" के रूप में चिह्नित हैं — ऐसे प्रश्नों पर समय बर्बाद न करें।
  4. हर गलत उत्तर को तीन में से एक श्रेणी में लिखें: अवधारणा नहीं आती, लापरवाही, या समय कम पड़ा। इलाज हर श्रेणी का अलग है।
  5. दो हफ़्ते बाद वही पेपर फिर हल करें। जो प्रश्न दूसरी बार भी गलत हों, वही आपके रिवीजन की सबसे ज़रूरी सूची है।

OMR और 5वें विकल्प का अभ्यास

REET-2024 विज्ञप्ति का नियम: OMR में हर प्रश्न के पाँच गोले (A–E) होते हैं; प्रश्न का उत्तर न देना हो तो E भरना होता है। किसी प्रश्न में पाँचों में से कोई गोला न भरने पर उस प्रश्न के अंक का 1/3 भाग काटा जाता है, और 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में कोई भी गोला न भरने पर अभ्यर्थी अयोग्य। नियम की तालिका और उदाहरण 5वें विकल्प के नियम वाले हिस्से में हैं। अभ्यास के लिए एक सादे पन्ने पर 150 पंक्तियाँ बनाइए, हर पंक्ति में A से E तक पाँच गोले, और हर पूरे पेपर का उत्तर उसी पर भरिए।

पूर्ण पेपर वाले हफ़्ते की सुझाई दिनचर्या (चरण 3)
दिनकाम
सोमवारपूरा पेपर, तय समय में, OMR-पन्ने के साथ
मंगलवारजाँच और गलतियों की कॉपी; कमज़ोर टॉपिक का रिवीजन
बुधवारपूरा पेपर (दूसरा Level या दूसरी पारी का)
गुरुवारजाँच; बाल विकास और भाषा के नोट्स
शुक्रवारपूरा पेपर या दो खण्ड समय बाँधकर
शनिवारजाँच; विषय खण्ड (गणित/EVS/विज्ञान/SST) के नोट्स
रविवारपूरे हफ़्ते की गलतियाँ दोबारा हल करना; हल्का दिन

रिवीजन और आखिरी 15 दिन की चेकलिस्ट

आखिरी 15 दिन नया पढ़ने के नहीं, पढ़ा हुआ पक्का करने के हैं। नीचे की सूची पर रोज़ निशान लगाइए।

  • कोई नया टॉपिक या नई किताब नहीं — केवल अपने नोट्स, गलतियों की कॉपी और सिलेबस-सूची।
  • बाल विकास के सिद्धांतों और भाषा शिक्षण की शब्दावली को रोज़ 30 मिनट दोहराएँ।
  • हर दूसरे दिन एक पूरा पेपर; हर पेपर के बाद देखें कि कोई गोला खाली तो नहीं रहा।
  • सोने-जागने का समय परीक्षा की पारी के अनुसार करें। REET-2024 में पारियाँ थीं: प्रथम पारी प्रातः 10:00 से 12:30 बजे; द्वितीय पारी अपराह्न 3:00 से सायं 5:30 बजे।
  • प्रवेश पत्र केवल आधिकारिक वेबसाइट से — प्रवेश पत्र डाक से नहीं भेजे जाते; वेबसाइट से डाउनलोड करने होते हैं। सही लिंक के लिए REET की आधिकारिक वेबसाइट पेज देखें।
  • परीक्षा केंद्र पर साथ ले जाना होता है: डाउनलोड किया प्रवेश पत्र और आवेदन में अपलोड फोटो वाला एक मूल फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार)।
  • REET-2024 में रिपोर्टिंग का नियम: परीक्षा प्रारंभ होने से 2 घंटे पहले; प्रारंभ से 1 घंटा पहले तक ही प्रवेश। केंद्र का रास्ता एक दिन पहले देख लें।
  • मोबाइल, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, आभूषण आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः वर्जित — घड़ी, कैलकुलेटर या मोबाइल पर निर्भर अभ्यास इन दिनों छोड़ दें।
  • OMR पर नीले/काले बॉल पेन से गोला भरना — अभ्यास भी उसी तरह के पेन से करें।

बिना कोचिंग REET की तैयारी

REET की तैयारी के लिए ज़रूरी लगभग हर चीज़ आधिकारिक रूप से उपलब्ध है। कोचिंग का असली काम अनुशासन और अभ्यास देना है — ये दोनों आप एक तय दिनचर्या से खुद बना सकते हैं।

ज़रूरतकहाँ सेकैसे उपयोग करें
क्या पढ़ना हैBSER का आधिकारिक सिलेबस PDFहर बिंदु को चेकलिस्ट बनाएँ
विषय-वस्तुराज्य सरकार द्वारा निर्धारित कक्षा 1–8 की स्कूली पाठ्यपुस्तकेंLevel 1: कक्षा 1–5 का राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सत्र 2024-25 का पाठ्यक्रम; कठिनाई स्तर सैकण्डरी (कक्षा 10) तक। Level 2: कक्षा 6–8 का राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सत्र 2024-25 का पाठ्यक्रम; कठिनाई स्तर सीनियर सैकण्डरी (कक्षा 12) तक।
बाल विकास का सिद्धांतशैक्षिक मनोविज्ञान की कोई एक मानक पाठ्य-पुस्तकएक ही स्रोत पूरा पढ़ें; कई किताबें बदलने से उलझन बढ़ती है
प्रश्नों का स्तरBSER के आधिकारिक प्रश्न-पत्र और Final Answer Keyऊपर बताए तरीके से तीन बार हल करें
दोहरावअपने हाथ के नोट्सहर खण्ड के लिए अलग कॉपी, सिलेबस के क्रम में

किताबें चुनने का तरीका और विषयवार स्रोतों की सूची REET की किताबें और स्रोत पेज पर है। स्व-अध्ययन में सबसे बड़ा जोखिम योजना छूटना है, इसलिए हर रविवार अगले हफ़्ते के टॉपिक लिखें और हर शनिवार देखें कि कितने पूरे हुए। दो-तीन साथियों का छोटा समूह बनाकर हफ़्ते में एक बार एक-दूसरे से प्रश्न पूछना भी अच्छा तरीका है।

REET Mains की तैयारी कब शुरू करें

REET पात्रता परीक्षा है — केवल पात्रता परीक्षा — इससे नौकरी का अधिकार नहीं मिलता। सरकारी शिक्षक की नौकरी के लिए अलग भर्ती परीक्षा होती है, जिसे RSSB आयोजित करता है। RSSB भर्ती-2025 के विज्ञापन के अनुसार उस परीक्षा में कुल 300 अंक हैं और नेगेटिव मार्किंग है: हाँ — हर गलत उत्तर पर उस प्रश्न के अंकों का एक-तिहाई (1/3) कटेगा; एक से अधिक उत्तर भी गलत माना जाएगा।

हमारा सुझाव: REET की परीक्षा देने के अगले हफ़्ते से ही Mains की तैयारी शुरू करें, परिणाम का इंतज़ार न करें। Pre की तैयारी का बड़ा हिस्सा वहाँ काम आता है:

  • बाल विकास → Mains का शैक्षणिक मनोविज्ञान वाला भाग।
  • भाषा और विषयों की शिक्षण विधियाँ → Mains का शैक्षणिक रीति विज्ञान वाला भाग।
  • Level 2 सामाजिक अध्ययन के राजस्थान वाले अध्याय → Mains का राजस्थान भूगोल, इतिहास और संस्कृति वाला भाग।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET की तैयारी के लिए कितना समय चाहिए?

हमारे सुझाव के अनुसार रोज़ 4–5 घंटे पढ़ने पर लगभग 90 दिन पर्याप्त हैं: 35 दिन आधार, 35 दिन अभ्यास और 20 दिन रिवीजन व पूरे पेपर। रोज़ 2 घंटे ही मिलते हों तो यही क्रम 4–5 महीनों में पूरा करें। यह कोई आधिकारिक अवधि नहीं है।

क्या बिना कोचिंग REET की तैयारी हो सकती है?

हाँ, ज़रूरी सामग्री आधिकारिक रूप से उपलब्ध है: BSER का सिलेबस, राज्य की स्कूली पाठ्यपुस्तकें (REET-2024 विज्ञप्ति के अनुसार Level 1 के प्रश्नों का आधार: कक्षा 1–5 का राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सत्र 2024-25 का पाठ्यक्रम; कठिनाई स्तर सैकण्डरी (कक्षा 10) तक) और आधिकारिक पुराने पेपर। ज़रूरत एक तय दिनचर्या और ईमानदार स्व-मूल्यांकन की है।

REET में सबसे ज़्यादा प्रश्न किस खण्ड से आते हैं?

Level 1 में सभी खण्ड बराबर हैं — 5 खण्ड × 30 प्रश्न: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा-I, भाषा-II, गणित, पर्यावरण अध्ययन। Level 2 में सबसे बड़ा खण्ड-IV है — 4 खण्ड: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ (30), भाषा-I (30), भाषा-II (30), खण्ड-IV (60)। इसलिए Level 2 में अपने विषय खण्ड को सबसे ज़्यादा समय दें, पर बाल विकास और भाषाएँ न छोड़ें।

REET पास करने के लिए कितने अंक चाहिए?

REET-2024 विज्ञप्ति के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 60% है और SC/OBC/MBC/EWS के लिए 55%। बाकी वर्गों के प्रतिशत REET न्यूनतम उत्तीर्णांक पेज पर हैं।

क्या Level 1 और Level 2 की तैयारी साथ-साथ हो सकती है?

REET-2024 में हाँ — दोनों लेवल के लिए आवेदन किया जा सकता था (शुल्क ₹750); दोनों की परीक्षा अपनी-अपनी निर्धारित पारी में। बाल विकास और दोनों भाषाओं की तैयारी दोनों Level में काम आती है; अलग से केवल Level 1 के गणित-पर्यावरण अध्ययन और Level 2 के विषय खण्ड की तैयारी करनी होती है।

REETExam.in एक स्वतंत्र शैक्षिक पोर्टल है, आधिकारिक वेबसाइट नहीं। यह BSER या RSSB से संबद्ध नहीं है। सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक अधिसूचना देखें।