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REET Level 2 Syllabus 2026: विषयवार सिलेबस हिंदी में (PDF)

अंतिम अपडेट: · तथ्य: केवल आधिकारिक BSER/RSSB दस्तावेज़ों से

REET Level 2 Syllabus 2026 खोज रहे कक्षा 6–8 के भावी शिक्षकों के लिए यहाँ BSER के REET-2024 पाठ्यक्रम का पूरा आधिकारिक पाठ है: बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा-I और भाषा-II (30-30 प्रश्न) अनिवार्य थे और चौथा खण्ड 60 प्रश्नों का — गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन। सभी स्तरों का सिलेबस: REET सिलेबस।

REET 2026 नोटिफिकेशन की स्थिति: आधिकारिक विज्ञप्ति REETExam.in द्वारा अभी सत्यापित नहीं। नवीनतम सत्यापित आधिकारिक दस्तावेज़: REET-2024 विज्ञप्ति सं. 01/2024 (दिनांक 12.12.2024), BSER।

विषय-सूची और खण्ड-IV के नियम REET-2024 पाठ्यक्रम व विज्ञप्ति से हैं। 2026 की विज्ञप्ति में खण्ड या विषय बदले तो वह बदलाव सत्यापित करके यहाँ जोड़ा जाएगा।

अंतिम सत्यापन: — यह हमारी आधिकारिक वेबसाइटों की जाँच की तारीख है, किसी विज्ञप्ति के जारी होने की नहीं। नई आधिकारिक सूचना सत्यापित होते ही यह पेज अपडेट किया जाएगा।

REET Level 2 — विषय और प्रश्न (आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार)
खण्डविषयप्रश्नकिसके लिए
Iबाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ30सभी
IIभाषा-I30सभी
IIIभाषा-II30सभी
IV (a)गणित और विज्ञान60गणित-विज्ञान शिक्षक
IV (b)सामाजिक अध्ययन60सामाजिक अध्ययन शिक्षक
कुल (I + II + III + IV a या b)150

Level 2 सिलेबस – संक्षेप में

REET Level 2 का सिलेबस Level 1 से दो बातों में अलग है: बाल विकास का केंद्र 11 से 14 वर्ष आयु वर्ग है, और गणित/पर्यावरण अध्ययन की जगह 60 प्रश्नों का विषय खण्ड है। IV(अ) गणित एवं विज्ञान (गणित व विज्ञान शिक्षक) या IV(ब) सामाजिक अध्ययन (सामाजिक अध्ययन शिक्षक); अन्य विषय के शिक्षक इनमें से कोई एक चुनते हैं।

प्रश्नों का आधार कक्षा 6–8 का राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सत्र 2024-25 का पाठ्यक्रम; कठिनाई स्तर सीनियर सैकण्डरी (कक्षा 12) तक है। गणित-विज्ञान खण्ड में 60 प्रश्न — 30 गणित और 30 विज्ञान आते हैं। परीक्षा का ढाँचा REET परीक्षा पैटर्न पर देखें।

बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ

विषय-सूची Level 1 जैसी है, पर Level 2 में अधिगम के सिद्धांतों (व्यवहारवाद, गैस्टाल्टवाद, संज्ञानवाद, निर्मितिवाद) और निर्मितिवादी उपागम का स्पष्ट उल्लेख है, और उदाहरण किशोरावस्था के बच्चों के संदर्भ में सोचने चाहिए।

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 1 · 30 प्रश्न / 30 अंक

  • बाल विकास : वृद्धि एवं विकास की संकल्पना, विकास के विभिन्न आयाम एवं सिद्धान्त, विकास को प्रभावित करने वाले कारक (विशेष रूप से परिवार एवं विद्यालय के संदर्भ में) एवं अधिगम से उनका संबंध ।
  • वंशानुक्रम एवं वातावरण की भूमिका।
  • व्यक्तिगत विभिन्नताएँ : अर्थ, प्रकार एवं व्यक्तिगत विभिन्नताओं को प्रभावित करने वाले कारक।
  • व्यक्तित्व : संकल्पना, प्रकार व व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक। व्यक्तित्व का मापन।
  • बुद्धि : संकल्पना, सिद्धान्त एवं इसका मापन, बहुबुद्धि सिद्धान्त एवं इसके निहितार्थ।
  • विविध अधिगमकर्ताओं की समझ : पिछडे, विमंदित, प्रतिभाशाली, सृजनशील, अलाभान्वित– वंचित, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे एवं अधिगम अक्षमता युक्त बच्चे।
  • अधिगम में आने वाली कठिनाइयाँ
  • समायोजन की संकल्पना एवं तरीके, समायोजन में अध्यापक की भूमिका
  • अधिगम का अर्थ एवं संकल्पना। अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक।
  • अधिगम के सिद्धान्त (व्यवहारवाद, गैस्टाल्टवाद,संज्ञानवाद, निर्मितिवाद) एवं इनके निहितार्थ।
  • बच्चे सीखते कैसे हैं ? अधिगम की प्रक्रियाएँ। चिन्तन, कल्पना एवं तर्क (निर्मितिवादी उपागम, आनुभविक अधिगम, संकल्पना–मानचित्रण, अन्वेषण एवं समस्या समाधान),
  • अभिप्रेरणा एवं इसके अधिगम के लिए निहितार्थ।
  • शिक्षण अधिगम की प्रक्रियायें, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–2005 के संदर्भ में शिक्षण अधिगम की व्यूह रचना एवं विधियाँ।
  • आकलन, मापन एवं मूल्यांकन का अर्थ एवं उद्देश्य, समग्र एवं सतत् मूल्यांकन, उपलब्धि परीक्षण का निर्माण। सीखने के प्रतिफल।
  • क्रियात्मक अनुसन्धान
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम–2009 अध्यापकों की भूमिका एवं दायित्व।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)

  • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा
  • बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान
  • स्कूलो में पाठ्यक्रम एवं शिक्षण शास्त्र
  • शिक्षक
  • समतामूलक एवं समावेशी शिक्षा
  • स्कूल शिक्षा के लिए मानक निर्धारण एवं प्रत्यापन
  • राजस्थान की समसामयिक बाल कल्याणकारी शैक्षिक योजनाएं

भाषा-I (हिन्दी / English / संस्कृत)

भाषा-I शिक्षण माध्यम की भाषा है। REET में भाषा के विकल्प हैं: हिन्दी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, उर्दू, सिन्धी, पंजाबी, गुजराती। यहाँ हिन्दी, English और संस्कृत का आधिकारिक पाठ है; उर्दू, सिन्धी, पंजाबी और गुजराती का पाठ्यक्रम आधिकारिक PDF में उनकी लिपि में है।

भाषा-I: हिन्दी

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 3 · 30 प्रश्न / 30 अंक

एक अपठित गद्यांश में से निम्नलिखित व्याकरण संबंधी प्रश्न :–

  • शब्द ज्ञान– तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द। पर्यायवाची, विलोम, एकार्थी एवं अनेकार्थी शब्द। उपसर्ग, प्रत्यय, संधि और समास। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, विशेष्य, अव्यय। वाक्यांश के लिए एक शब्द, शब्द शुद्धि।

एक अपठित गद्यांश में से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रश्न :–

  • रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करना, वचन, काल, लिंग ज्ञात करना। दिए गए शब्दों का वचन काल और लिंग बदलना, राजस्थानी शब्दों के हिन्दी रूप।
  • वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के प्रकार, पदबंध, मुहावरे और लोकोक्तियाँ, विराम चिन्ह।
  • भाषा की शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषा दक्षता का विकास।
  • भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) हिंदी भाषा शिक्षण में चुनौतियाँ, शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्य पुस्तक, बहु–माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन।
  • भाषा शिक्षण में मूल्यांकन, उपलब्धि परीक्षण का निर्माण समग्र एवं सतत् मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण ।
  • राजस्थानी भाषा एवं साहित्य की सामान्य जानकारी।

Language-I: English

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 4 · 30 प्रश्न / 30 अंक

Unseen Prose Passage

  • Synonyms, Antonyms, Spellings, Word-formation, One Word Substitution

Unseen Prose Passage

  • Parts of Speech, Tenses, Determiners, Degrees of comparison.
  • Framing Questions Including Wh-questions, Active and Passive Voice, Narration
  • Knowledge of English Sounds and Phonetic Symbols
  • Principles of Teaching English, Methods and Approaches to English Language Teaching
  • Development of Language Skills, Teaching Learning Materials:( Text books, Multi-media Materials and other resources).
  • Continuous and Comprehensive Evaluation, Assessment and Evaluation in Language.

भाषा-I: संस्कृत

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 5 · 30 प्रश्न / 30 अंक

एकम् अपठितं गद्यांशम् आधारीकृत्य निम्नलिखित–व्याकरण–सम्बन्धिनः प्रश्नाः –

  • शब्दरूप–धातुरूप–कारक–विभक्ति–उपसर्ग–प्रत्यय–सन्धि–समास–लकार–सर्वनाम–विशेष्य–विशेषण–विलोमशब्द–कर्तृ–क्रियापदचयन–वचन–लिंग–अव्ययेषु प्रश्नाः।

राजस्थानस्य इतिहासं कलां संस्कृतिं चाधारीकृत्य एकः अपठितः पद्यांशः वा श्लोकः –

  • उपर्युक्तं एकमपठितं पद्यांशं वा श्लोकमाधारीकृत्य निम्नलिखित–व्याकरण–सम्बन्धिनः प्रश्नाः –
  • सन्धि–समास–कारक–प्रत्यय–छन्द–अलंकार–विशेष्य–विशेषण–विलोमशब्द–क्रियापदचयन–वचन–लकार–लिंग–अव्यय–सम्बन्धिनः प्रश्नाः।
  • संख्या–ज्ञानम्–
  • स्वर–व्यंजन–उच्चारणस्थानानि–
  • समय–ज्ञानम्–
  • वाच्य–परिवर्तनम् (लट्–लकारे)
  • संस्कृतानुवादः–
  • अशुद्धिसंशोधनम्–
  • संस्कृत–सूक्तयः–
  • लकारपरिवर्तन–प्रश्नाः–(लट्–लङ्–लृट्–लोट्–विधिलिङ्–लकारेषु)
  • रेखांकितपदानि आदृत्य प्रश्न–निर्माणम्–
  • माहेश्वरसूत्राणां सम्बन्धिनः प्रश्नाः।
  • (i) संस्कृत–भाषा–शिक्षण–विधयः।
  • (ii) संस्कृतभाषा–शिक्षण–सिद्धान्ताः।
  • (iii) संस्कृत शिक्षणाभिरुचिप्रश्नाः।
  • संस्कृतभाषाकौशलस्य विकासः, (श्रवणम्, सम्भाषणम्, पठनम्, लेखनम्) संस्कृतशिक्षणे–अधिगमसाधनानि, संस्कृतशिक्षणे संप्रेषणस्य साधनानि,संस्कृतपाठ्यपुस्तकानि।
  • संस्कृतभाषाशिक्षणस्य मूल्यांकन–सम्बन्धिनः प्रश्नाः, मौखिक–लिखितप्रश्नानां प्रकाराः, सततमूल्यांकनम्, उपचारात्मक–शिक्षणम्।
  • (संस्कृतभाषायाम्) राजस्थानस्य संस्कृतसाहित्यकाराणां योगदान–सम्बन्धिनः प्रश्नाः।

भाषा-II (हिन्दी / English / संस्कृत)

भाषा-II, भाषा-I से भिन्न होनी चाहिए; दोनों भाषाएँ वही होंगी जो आवेदन पत्र में भरी गईं। भाषा-II में बोधन और सम्प्रेषण पर ज़ोर रहता है, इसलिए अपठित गद्यांश का अभ्यास सबसे ज़रूरी है।

भाषा-II: हिन्दी

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 10 · 30 प्रश्न / 30 अंक

एक अपठित गद्यांश आधारित निम्नलिखित व्याकरण संबंधी प्रश्न :–

  • वर्ण विचार, वर्ण विश्लेषण ,शब्द ज्ञान– तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द, युग्म–शब्द, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास,शब्दों को शब्द–कोश क्रम में लिखना, शब्दों के मानक रूप लिखना, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विशेषण, क्रिया, लिंग, वचन, काल।

एक अपठित पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रश्न :–

  • भाव सौंदर्य
  • विचार सौंदर्य
  • नाद सौंदर्य
  • शिल्प सौंदर्य
  • जीवन दृष्टि
  • वाक्य रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के भेद, पदबंध, मुहावरे, लोकोक्तियाँ। कारक चिह्न, अव्यय, विराम चिह्न, राजस्थानी मुहावरों का अर्थ व प्रयोग।
  • भाषा शिक्षण विधि, भाषा शिक्षण के उपागम, भाषायी दक्षता का विकास।
  • भाषायी कौशलों का विकास (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) शिक्षण अधिगम सामग्री–पाठ्य पुस्तक, बहु–माध्यम एवं शिक्षण के अन्य संसाधन।
  • भाषा शिक्षण में मूल्यांकन, (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, समग्र एवं सतत् मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण।
  • राजस्थानी साहित्य एवं साहित्यकार।

Language-II: English

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 11 · 30 प्रश्न / 30 अंक

Unseen Prose Passage

  • Linking Devices, Subject-Verb Concord, Inferences

Unseen Poem

  • Identification of Alliteration, Simile, Metaphor Personification, Assonance, Rhyme
  • Modal Auxiliaries, Common Idioms and Phrases, Literary Terms : Elegy, Sonnet, Short Story, Drama
  • Basic knowledge of English sounds and their Phonetic Symbols.
  • Principles of Teaching English, Communicative Approach to English Language Teaching, Challenges of Teaching English: Difficulties in learning English( role of home language multilingualism)
  • Methods of Evaluation, Remedial Teaching

भाषा-II: संस्कृत

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 12 · 30 प्रश्न / 30 अंक

एकम् अपठितं गद्यांशम् आधारीकृत्य निम्नलिखित–व्याकरण–सम्बन्धिनः प्रश्नाः –

  • शब्दरूप–धातुरूप–कारक–विभक्ति–उपसर्ग–प्रत्यय–सन्धि–समास–लकार–सर्वनाम–विशेष्य–विशेषण–लिंग –अव्ययेषु प्रश्नाः।

एकम् अपठितं पद्यांशं वा श्लोकम् राजस्थानस्य इतिहासं कलां संस्कृतिं चाधारीकृत्य निम्नलिखित–बिन्दुसम्बन्धिनः व्याकरण प्रश्नाः –

  • सन्धि–समास–कारक–प्रत्यय–छन्द–अलंकार–विशेष्य–विशेषण–लिंगसम्बन्धिनः प्रश्नाः।
  • संख्याज्ञान–समयज्ञान–माहेश्वरसूत्राणां सम्बन्धिनः प्रश्नाः।
  • संस्कृतानुवादः, स्वर–व्यंजन–उच्चारणस्थानानि, वाच्यपरिवर्तनम् (लट्लकार) अशुद्धिसंशोधनम्, संस्कृतसूक्तयः ।
  • (i) संस्कृत–भाषा–शिक्षण–विधयः।
  • (ii) संस्कृतभाषा–शिक्षण–सिद्धान्ताः।
  • (iii) संस्कृत शिक्षणाभिरुचिप्रश्नाः।
  • संस्कृतभाषाकौशलस्य विकासः,(श्रवणम्, सम्भाषणम्, पठनम्, लेखनम्) संस्कृतशिक्षणे–अधिगमसाधनानि, संस्कृतशिक्षणे संप्रेषणस्यसाधनानि,संस्कृतपाठ्यपुस्तकानि।
  • संस्कृतभाषाशिक्षणस्य मूल्यांकन–सम्बन्धिनः प्रश्नाः,
  • मौखिक–लिखितप्रश्नानां प्रकाराः सततमूल्यांकनम् उपचारात्मक–शिक्षणम्।

गणित एवं विज्ञान (खण्ड IV-a)

यह खण्ड गणित और विज्ञान शिक्षक बनने वालों के लिए है: 60 प्रश्न — 30 गणित और 30 विज्ञान। गणित में घातांक, बीजीय व्यंजक, समीकरण, परिमेय संख्याएँ, ब्याज, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और सांख्यिकी के साथ शिक्षण विधियाँ हैं; विज्ञान में सजीव जगत, मानव शरीर व स्वास्थ्य, पदार्थ, बल-गति, ऊर्जा और विज्ञान-शिक्षण।

गणित

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 17 · 60 प्रश्न / 60 अंक

  • घातांक और घात : समान आधार की घातीय संख्याओं का गुणा तथा भाग, घातांक के नियम।
  • बीजीय व्यंजक : बीजीय व्यंजकों का योग, व्यवकलन, गुणा एवं भाग, सर्वसमिकाएं।
  • गुणनखण्ड : सरल बीजीय व्यंजकों के गुणनखण्ड।
  • समीकरण : एक चर वाले रैखिक समीकरण।
  • वर्ग और वर्गमूल
  • घन और घनमूल
  • दशमलव
  • परिमेय संख्याएं
  • ब्याज : सरल ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, लाभ–हानि,
  • अनुपात एवं समानुपात : समानुपाती भागों में विभाजन, भिन्न।
  • प्रतिशतता, दर, वृद्धि एवं ह्रास।
  • रेखा, किरण तथा कोण, रेखा खण्ड, सरल एवं वक्र रेखाएं, कोणों के प्रकार, ।
  • समतलीय आकृतियाँ : त्रिभुज, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, चतुर्भुज तथा वृत्त, बहुभुज
  • समतलीय आकृतियों का क्षेत्रफल एवं परिमाप : त्रिभुज, आयत, समान्तर चतुर्भुज एवं समलम्ब चतुर्भुज।
  • पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतनः घन, घनाभ एवं लम्बवृत्तीय बेलन।
  • सममिति
  • सांख्यिकी : आंकड़ों का संग्रह एवं वर्गीकरण, बारम्बारता बंटन सारिणी, मिलान चिह्न, स्तम्भ (बार) लेखाचित्र एवं आयत लेखाचित्र, वृत्तीय ग्राफ (पाई चित्र) ।
  • लेखाचित्र (ग्राफ): विभिन्न प्रकार के लेखाचित्र।
  • प्रायिकता
  • गणित की प्रकृति एवं तर्क शक्ति
  • पाठयक्रम में गणित की महत्ता
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • मूल्यांकन
  • उपचारात्मक शिक्षण
  • शिक्षण की समस्यायें

विज्ञान

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 18, 19

  • सजीव एवं निर्जीव : परिचय, अन्तर एवं लक्षण
  • सूक्ष्म जीवः जीवाणु, वायरस, कवक ; (लाभकारी एवं अलाभकारी)
  • सजीव– पौधे के प्रकार एवं विभिन्न भाग, पादपों में पोषण, श्वसन एवं उत्सर्जन, पादप और जंतु कोशिकाओं की संरचना और कार्य, पादपों में जनन, प्राणियों मे पोषण, शरीर में गति।
  • मानव शरीर एवं स्वास्थ्य– सूक्ष्म जीवों से फैलने वाले रोग (क्षय रोग, खसरा, डिप्थीरिया, हैजा, टाइफाइड), रोगों से बचाव के उपाय; मानव शरीर के विभिन्न तंत्र; संक्रामक रोग (फैलने के कारण और बचाव); भोजन के स्त्रोत, भोजन के प्रमुख अवयव और इनकी कमी से होने वाले रोग, संतुलित भोजन।
  • जन्तु प्रजनन एवं किशोरावस्था : जनन की विधियाँ : लैंगिक एवं अलैंगिक, किशोरावस्था एवं यौवनारम्भ : शारीरिक परिवर्तन, जनन में हार्मोन्स की भूमिका, जननात्मक स्वास्थ्य।
  • यांत्रिकी– बल एवं गति, बलों के प्रकार (पेशीय बल, घर्षण बल, गुरूत्व बल, चुम्बकीय बल, स्थिर वैद्युत बल, आदि), गति के प्रकार (रेखीय, वृत्ताकार, कम्पन, आवर्त एवं घूर्णन गति), दाब, वायुमण्डलीय दाब।
  • ऊर्जा– ऊर्जा के परम्परागत तथा वैकल्पिक स्रोत, ऊर्जा संरक्षण ।
  • ताप एवं ऊष्मा– ताप एवं ऊष्मा का अभिप्राय, तापमापी, ऊष्मा संचरण।
  • प्रकाश एवं ध्वनि –प्रकाश के स्रोत, प्रकाश का परावर्तन, गोलीय दर्पण, समतल दर्पण व गोलीय दर्पण से प्रतिबिम्ब बनना, प्रकाश का अपवर्तन, लैंस एवं लैंस से प्रतिबिम्ब का निर्माण, ध्वनि, ध्वनि के अभिलक्षण, ध्वनि संचरण, ध्वनि प्रदूषण
  • विद्युत एवं चुंबकत्व– विद्युत धारा, विद्युत परिपथ, विद्युत धारा के ऊष्मीय, चुंबकीय एवं रासायनिक प्रभाव, चुंबक एवं चुंबकत्व।
  • प्राकृतिक परिघटनाएं– तड़ित, भूकम्प।
  • पदार्थ की संरचना– परमाणु एवं अणु, परमाणु की संरचना; तत्व, यौगिक और मिश्रण; पदार्थो के गुण, पदार्थो का पृथक्करण, तत्वों के प्रतीक, यौगिकों के रासायनिक सूत्र तथा रासायनिक समीकरण, भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन।
  • रासायनिक पदार्थ – ऑक्साइड्स, अम्ल, क्षार और लवण, ऑक्सीजन गैस, नाइट्रोजन गैस, नाइट्रोजन चक्र, हाइड्रोकार्बन (सामान्य जानकारी), कोयला, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस, दहन एवं ज्वाला।
  • पौधे एवं जन्तुओं का संरक्षण – वनोन्मूलन, हरितगृह प्रभाव और वैश्विक तापन, संकटापन्न प्रजाति (स्पीशीज), वन्य प्राणी अभ्यारण्य, राष्ट्रीय उद्यान।
  • कृषि प्रबंधन : कृषि पद्धतियाँ, फसलों के प्रकार व उदाहरण।

विज्ञान की संरचना एवं प्रकृति

  • प्राकृतिक विज्ञान : लक्ष्य एवं उद्देश्य, प्राकृतिक संसाधन,पर्यावरण, प्रदूषण व नियन्त्रण, जैव विविधता,अनुकूलन, कचरा प्रबंधन।
  • विज्ञान को समझना
  • विज्ञान की शिक्षण विधियाँ
  • नवाचार
  • पाठ्य सामग्री / सहायक सामग्री
  • मूल्यांकन
  • शिक्षण की समस्याएं
  • उपचारात्मक शिक्षण

सामाजिक अध्ययन (खण्ड IV-b)

सामाजिक अध्ययन में भारत का इतिहास (सिन्धु घाटी से राष्ट्रीय आन्दोलन तक), संविधान और शासन, पृथ्वी व भारत का भूगोल, और राजस्थान का भूगोल, इतिहास, कला-संस्कृति शामिल हैं; अंत में दो शिक्षाशास्त्रीय खण्ड हैं। राजस्थान वाला भाग आगे भर्ती परीक्षा में भी काम आता है।

आधिकारिक पाठ्यक्रम (BSER, REET-2024) — पृष्ठ 24 · 60 प्रश्न / 60 अंक

भारतीय सम्यता, संस्कृति. एवं समाज

  • सिन्धु घाटी सभ्यता, वैदिक संस्कृति, जैन व बौद्व धर्म, महाजनपदकाल।

मौर्य तथा गुप्त साम्राज्य एवं गुप्तोत्तर काल

  • राजनीतिक इतिहास और प्रशासन, अर्थव्यवस्था साहित्य एवं स्थापत्य, भारतीय संस्कृति के प्रति योगदान, भारत 600–1000 ईस्वी. वृहत्तर भारत

मध्यकाल एवं आधुनिक काल

  • चोल साम्राज्य, भक्ति और सूफी आन्दोलन, मुगल राजपूत संबंध; मुगल प्रशासन, मध्यकालीन अर्थव्यवस्था एवं स्थापत्य कला।
  • भारतीय राज्यों के प्रति ब्रिटिश नीति, 1857 का विद्रोह, भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश प्रभाव, पुनर्जागरण एवं सामाजिक सुधार, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन (1885–1947)

भारतीय संविधान एवं लोकतंत्र

  • भारतीय संविधान का निर्माण व विशेषतायें, उद्देशिका, मूल अधिकार एवं मूल कर्त्तव्य, कानून एवं सामाजिक न्याय, लिंग बोध (जेन्डर परसेप्शन) बाल अधिकार व बाल संरक्षण, लोकतंत्र में निर्वाचन व मतदाता जागरूकता।

सरकार : गठन एवं कार्य

  • संसद; राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मत्रिपरिषद् राज्य सरकार पंचायती राज एवं नगरीय स्व–शासन (राजस्थान के विशेष संदर्भ में), जिला प्रशासन, न्याय पालिका।

पृथ्वी एवं हमारा पर्यावरण–

  • सौर–मण्डल, अक्षांश, देशान्तर, पृथ्वी की गतियां, वायुदाब एवं पवनें, चक्रवात एवं प्रति चक्रवात, महासागरीय परिसंचरण, ज्वालामुखी, भूकम्प, पृथ्वी के मुख्य जलवायु कटिबन्ध, पृथ्वी के प्रमुख परिमण्डल, पर्यावरणीय समस्याएं एवं समाधान।

भारत का भूगोल एवं संसाधन

  • भू–आकृति, प्रदेश, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन्य जीवन, मृदा, कृषि फसलें, उद्योग, खनिज, जनसंख्या, मानव संसाधन, विकास के आर्थिक एवं सामाजिक कार्यक्रम।

राजस्थान का भूगोल एवं संसाधन

  • भौतिक प्रदेश, जलवायु एवं अपवाह प्रणाली, झीले, मृदा जल–संरक्षण एवं संग्रहण, कृषि फसलें, खनिज एवं ऊर्जा संसाधन, राजस्थान की प्रमुख नहरें एवं नदी घाटी परियोजनाऐं, परिवहन, उद्योग एवं जनसंख्या, पर्यटन स्थल, वन एवं वन्य जीवन।

राजस्थान का इतिहास

  • प्राचीन सभ्यताएँ एवं जनपद, राजस्थान के प्रमुख राजवंशों का इतिहास, 1857 की क्रांति में राजस्थान का योगदान, राजस्थान में प्रजामण्डल जनजातीय व किसान आंदोलन, राजस्थान का एकीकरण, राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व।

राजस्थान की कला व संस्कृति

  • राजस्थान की विरासत (दुर्ग, महल, स्मारक) राजस्थान के मेले, त्यौहार एवं लोक कलाएं, राजस्थान की चित्रकला, राजस्थान के लोक नृत्य एवं लोक नाट्य, लोक देवता, लोक संत, लोक संगीत एवं संगीत वाद्य यंत्र, राजस्थान की हस्तकला एवं स्थापत्य कला, राजस्थान की वेशभूषा एवं आभूषण, राजस्थान की भाषा एवं साहित्य।

शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे–I

  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन की संकल्पना एवं प्रकृति; कक्षा–कक्ष की प्रक्रियाएँ, क्रियाकलाप एवं विमर्श; सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन के अध्यापन की समस्याएँ; समालोचनात्मक चिन्तन का विकास;

शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे–II

  • पृच्छा/आनुभाविक साक्ष्य, शिक्षण अधिगम सामग्री एवं सहायक सामग्री, सूचना एवं संचार प्रोद्यौगिकी प्रायोजना कार्य , सीखने के प्रतिफल, मूल्यांकन,

Level 2 सिलेबस PDF डाउनलोड

  • आधिकारिक PDF में हर विषय का हिन्दी और अंग्रेज़ी संस्करण है, और उर्दू, सिन्धी, पंजाबी व गुजराती भाषा खण्ड उनकी लिपि में।
  • PDF के पाठ और इस पेज के पाठ में अंतर दिखे तो आधिकारिक PDF ही मान्य है।
  • नई विज्ञप्ति आने पर नया पाठ्यक्रम ज़रूर मिलाएँ।

सीधा लिंक: REET-2024 पाठ्यक्रम, स्तर-द्वितीय (PDF) (नई विंडो में खुलेगा)

Level 2 की तैयारी के टिप्स

ये सुझाव हमारी संपादकीय टीम के हैं, कोई आधिकारिक नियम नहीं।

विषयक्या करें
बाल विकासअधिगम के चार सिद्धांतों की तुलना-तालिका बनाएँ; NEP 2020 के बिंदु अलग से दोहराएँ
भाषाएँअपठित गद्यांश/पद्यांश का रोज़ अभ्यास; भाषा-शिक्षण विधियों के उदाहरण
गणित-विज्ञानकक्षा 6–8 की पाठ्यपुस्तकें पूरी करें; प्रश्न कक्षा 12 स्तर तक कठिन हो सकते हैं, इसलिए सूत्र और अवधारणा दोनों
सामाजिक अध्ययनराजस्थान का इतिहास-भूगोल-संस्कृति विस्तार से; संविधान व शासन के अनुच्छेद नहीं, अवधारणाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET Level 2 में कौन-कौन से विषय होते हैं?

बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ, भाषा-I, भाषा-II (30-30 प्रश्न) और 60 प्रश्नों का खण्ड-IV — गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन।

भाषा-I और भाषा-II में क्या अंतर है?

भाषा-I शिक्षण माध्यम की भाषा है जिसमें दक्षता जाँची जाती है; भाषा-II में सामान्य समझ और बोधन। भाषा-II, भाषा-I से भिन्न होनी चाहिए; दोनों भाषाएँ वही होंगी जो आवेदन पत्र में भरी गईं।

हिन्दी या अंग्रेज़ी शिक्षक को खण्ड-IV में कौन सा विषय लेना होगा?

IV(अ) गणित एवं विज्ञान (गणित व विज्ञान शिक्षक) या IV(ब) सामाजिक अध्ययन (सामाजिक अध्ययन शिक्षक); अन्य विषय के शिक्षक इनमें से कोई एक चुनते हैं।

क्या REET का सिलेबस हर साल बदलता है?

सिलेबस हर विज्ञप्ति के साथ जारी होता है। यह पाठ REET-2024 का है; नई विज्ञप्ति आने पर उसका पाठ्यक्रम ही मान्य होगा।

REETExam.in एक स्वतंत्र शैक्षिक पोर्टल है, आधिकारिक वेबसाइट नहीं। यह BSER या RSSB से संबद्ध नहीं है। सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक अधिसूचना देखें।